टीम इंडिया के तेज मोहम्मद शमी को अपनी पत्नी हसीन जहां को मासिक भरण-पोषण देना पड़ रहा है। कोलकाता की निचली अदालत ने सोमवार को यह आदेश दिया।

यह राशि 1 लाख 30 हजार रुपये होगी, जिसमें हसीन जहां के 50 हजार रुपये और उनकी बेटी के खर्च के लिए 80 हजार रुपये शामिल हैं।

दोनों 2018 से अलग रह रहे हैं और दोनों के बीच तलाक का मामला चल रहा है। हसीन जहां ने 2018 में 10 लाख रुपये के मासिक भरण-पोषण की मांग

को लेकर अदालत में मामला दायर किया था, जिसमें से 7 लाख रुपये उनका निजी गुजारा भत्ता और 3 लाख रुपये बेटी के भरण-पोषण के खर्च के रूप में थे।

हसीन जहां की शमी से मुलाकात साल 2011 में हुई थी। इस दौरान वह आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए चीयरलीडिंग कर रही थीं।

दोनों ने साल 2014 में शादी की थी। हसीन जहां ने शादी के बाद मॉडलिंग और एक्टिंग छोड़ दी थी। जहां ने 2018 में शमी पर घरेलू हिंसा और मैच फिक्सिंग समेत कई आरोप लगाए थे।

तभी से दोनों अलग रहने लगे और तभी से तलाक का केस चल रहा है। हसीन जहां ने 2018 में फिर से अपने करियर की शुरुआत की।

हसीन की वकील मृगांका मिस्त्री ने कोर्ट को बताया कि 2020-21 में शमी की सालाना आय 7 करोड़ रुपए थी। उसी के आधार पर मेंटेनेंस की मांग की गई थी।

उनका तर्क था कि रु। 10 लाख का रखरखाव अनुचित नहीं है। अपील में शमी के आयकर रिटर्न का भी हवाला दिया गया।

शमी के वकील सलीम रहमान ने दावा किया कि हसीन जहां खुद एक पेशेवर फैशन मॉडल हैं। वह खुद कमा रही है। इसलिए इतना भरण पोषण उचित नहीं है।